Two line shayari in hindi

Two lines shayari in hindi

Two lines shayari in hindi

तुम्हारा साथ तसल्ली से चाहिए मुझे..
जन्मों की थकान लम्हों में कहाँ उतरती है !!

वो कहते हैं हम जी लेंगे खुशी से तुम्हारे बिना,
हमें डर है वो टूटकर बिखर जायेंगे हमारे बिना।

 

पहले रिम-झिम फिर बरसात और अचानक कडी धूप,
मोहब्बत ओर अगस्त की फितरत एक सी है..!!

काग़ज़ पे तो अदालत चलती है..
हमने तो तेरी आँखो के फैसले मंजूर किये।

तुमसे ऐसा भी क्या रिश्ता हे?
दर्द कोई भी हो.. याद तेरी ही आती हे।

फ़िक्र तो तेरी आज भी है..
बस .. जिक्र का हक नही रहा।

निगाहों से भी चोट लगती है.. जनाब..
जब कोई देख कर भी अन्देखा कर देता है..!!

तभी तो कृष्ण राधा के लिए नहीं, सुदामा के लिए रोता है;
क्योंकि हर एक फ्रेंड को एक फ्रेंड का साथ ज़रूरी होता है!

बड रहा है दर्द गम उस को भूला देने के बाद
याद उसकी ओर आई खत जला देने के बाद!

खुद भी रोता है, मुझे भी रुला के जाता है..
ये बारिश का मौसम, उसकी याद दिला के जाता हैं।

उन्होंने वक़्त समझकर गुज़ार दिया हमको..
और हम.. उनको ज़िन्दगी समझकर आज भी जी रहे हैं..!

Two lines shayari in hindi

तेरे बदनामी का डर है वरना कुछ
ऐसा लिख जाऊ की तेरी खामोशी चीख उठे |

तजुर्बा एक ही काफी था इबरत के लिए
मैंने देखा ही नहीं दुबारा करके |

असल मे वही जीवन की चाल समझता है
जो सफर मे धूल को गुलाल समझता है |

दर्द मुझको ढूंढ लेता है ,रोज नये बहाने से ,
वो हो गया वाकिफ मेरे हर ठिकाने से |

ऐ दोस्त ,तू आजमा ले कोई भी जरिया पर
बदल ना पाएगा लोगों का नजरिया |

दोस्ती करने के लिए सोचा था
और मोहहबत हो गयी |

ख्वाब भी तुम और
खवाबों मे भी तुम |

Two line shayari for love in hindi

दूर हूँ तुझसे तेरी खुसी के लिए
ये मतब समझना दिल दुखता नहीं मेरा |

हम मिले दोस्त बने करीब आये
और प्यार हो गया |

जितना हम लोगों को व्यक्त देंगे ,
उतना लोग हमे गिरा हुआ समझेंगे |

कल की फिकर मत करो जिस रब ने आज तक संभाल
लिया है वो आगे भी संभाल लेगा |

ज़िंदगी के तजुर्बे ने एक बात सिखाई हैं
सबसे गहरी चोट किसी अपने ने ही पहुंचाई हैं |

रिश्तों को व्यक्त और हालत बदल देते है
अब तेरा नाम से हम बात बदल देते है |

जो तेरा सबसे खास है
वो ही जहरीले सांप है |

उन्हे फ़ासलों से क्या फिकर
जो रूह से तालुक रखते है |

हाँ तेरा जिक्र तो कर लेते हैं हम ,
बस यही जरियाँ है तेरी यादों से रूबरू होने का |

कभी कभी नींद की तलाश मे ,
सुबह हो जाती हैं|

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